क्रिस्टल जालक और एकक कोष्ठिका क्या है समझें सरल हिन्दी में
अध्याय-1 ठोस अवस्था part-2 क्रिस्टल जालक या ब्रेवे जालक/Crystal lattice " त्रिविम आकाश(3D) में किसी क्रिस्टल की इकाइयों की एक नियमित व्यवस्था(Regular Arrangements) होती जिसे क्रिस्टल जालक कहते है।" इसमें अवयवी कणों का नियमित (Regular) और पुनरावृत्त (Repeating) पैटर्न होता है। "अतः किसी क्रिस्टल में अवयवी कणों (बिन्दुओं) की नियमित त्रिविमीय व्यवस्था को क्रिस्टल जालक कहते है क्रिस्टल परमाणु, अणु या आयन से मिलकर बनता है ये क्रिस्टल के अवयवी कण हैं जब इन अवयवी कणों को आपस में रेखा द्वारा जोड़ा जाता हैं तो क्रिस्टल का आरेख बनता है। Crystal lattice एकक कोष्ठिका(Unit cell) "किसी क्रिस्टल जालक का वह सबसे छोटा भाग जिसकी त्रिविम में पुनरावृत्ति(दोहराना) से क्रिस्टल का निर्माण होता है उसे एकक कोष्ठिका कहते हैं। अथवा एकक कोष्ठिका क्रिस्टल जालक का वह सबसे छोटा भाग है जो विभिन्न दिशाओं में पुरावृत(Repeat) होकर विशाल क्रिस्टल जालक का निर्माण करता ...