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चित्र के साथ समझें सात प्रकार के क्रिस्टल समूह

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दोस्तों जब क्रिस्टल जालक में कण केवल एक कोष्ठिका के कोनों पर स्थित होते हैं तो इस प्रकार के क्रिस्टल जालक को सरल या आद्य क्रिस्टल कहते हैं। एकक कोष्ठिका की तीनों भुजाओं की लंबाई a, b और c तथा उनके बीच के कोण अल्फा, बीटा और गामा के आधार पर क्रिस्टल सात प्रकार का होता है। अध्ययन के लिए सामान्यतः घनीय क्रिस्टल को चुना जाता है क्योंकि यह सममित होता है मतलब इसमें सभी भुजाएं और कोण बराबर होते हैं।  ------पहले पढ़ें समझें, बाद में यहां से लिखना प्रारम्भ करें-----            सात प्रकार के क्रिस्टल तंत्र या समूह 1.घनीय क्रिस्टल  यह तीन प्रकार का होता है-    a.आद्य घनीय    b.फलक केन्द्रित घनीय    c.अंत:केन्द्रित घनीय उदाहरण- NaCl, KCI, यशद-ब्लैंड(ZnS), Cu, Ag, Au, हीरा "अरे वाह इसमें तो घन की तीनों भुजाएं बराबर है और तीनों कोण भी बराबर है अच्छा तो इसलिए यह सममित और घन (cube) होता है।" 2. द्विसमलंबाक्ष या चतुष्कोणीय क्रिस्टल     यह दो प्रकार का होता है-     a.आद्य द्विसमलंबाक्ष ...